तेरी हर खामोशी कुछ कह जाती है बिन जुबा ये बहुत कुछ बोल जाती है। तेरी हर खामोशी कुछ कह जाती है बिन जुबा ये बहुत कुछ बोल जाती है।
बहुत हुआ अब चलते हैं कहीं दूर निकालते हैं। बहुत हुआ अब चलते हैं कहीं दूर निकालते हैं।
हूँ बहुत दूर सबसे लेकिन दिल के क़रीब हूँ सबके! हूँ बहुत दूर सबसे लेकिन दिल के क़रीब हूँ सबके!
आप सभी को गणतंत्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां । आप सभी को गणतंत्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां ।
तुमसे दूर तुमसे दूर
सब से दोस्ती और अपने को साबित करना है बाँट ने से गम दूर भाग जाता है पानी छिड़कने से आग बुझ जाती है। सब से दोस्ती और अपने को साबित करना है बाँट ने से गम दूर भाग जाता है पानी छिड़कने ...